रिम्स में इलाज के लिए आई 16 वर्षीय नाबालिग का अपहरण: दवा दिलाने के बहाने ले गया युवक, PCR-28 की सूझबूझ से सुरक्षित बरामद
रांची: राजधानी के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल रिम्स (RIMS) में सुरक्षा व्यवस्था को धता बताते हुए एक 16 वर्षीय नाबालिग आदिवासी लड़की को अगवा करने का मामला सामने आया है। एक अज्ञात युवक ने उसे दवा दिलाने का झांसा देकर अगवा कर लिया था। गनीमत रही कि आईटीआई क्षेत्र में गश्त कर रही PCR-28 की टीम की नजर समय रहते पीड़िता पर पड़ गई, जिससे बड़ी घटना टल गई।
बहन के साथ पहुंची थी बड़े भाई का इलाज कराने
प्राप्त जानकारी के अनुसार, गुमला जिले के विशुनपुर थाना क्षेत्र की रहने वाली 16 वर्षीय मंगरी कुमारी (बदला नाम) अपनी बड़ी बहन सुबो देवी के साथ शुक्रवार देर रात करीब 1:00 बजे एंबुलेंस से इलाज कराने रिम्स पहुंची थी। दोनों बहनें ट्रॉमा सेंटर परिसर में थीं, तभी एक शातिर युवक ने विश्वास में लेकर नाबालिग को दवा दिलाने के बहाने चलने को कहा।
बीच रास्ते में हुआ छेड़छाड़ का प्रयास
रात करीब 3:00 बजे युवक नाबालिग को मोटरसाइकिल पर बैठाकर रिम्स परिसर से बाहर ले गया। बहुत देर इधर- उधर घुमाने के बाद सुनसान इलाके में ले जाकर युवक ने उसके साथ छेड़छाड़ करने की कोशिश की। नाबालिग द्वारा कड़ा विरोध किए जाने पर युवक घबरा गया और उसे बीच रास्ते में ही छोड़कर फरार हो गया।
पुलिस की सतर्कता ने बचाई जान
सुबह करीब 4:30 बजे, आईटीआई क्षेत्र की ओर गश्त कर रही PCR-28 की टीम ने सड़क किनारे अकेली और सहमी हुई किशोरी को देखा। पुलिसकर्मियों को संदेह हुआ तो उन्होंने गाड़ी रोककर पूछताछ की। नाबालिग ने सारी घटना की जानकारी दी। उसके पास मौजूद रिम्स के पर्चे से उसकी पहचान सुनिश्चित हुई। पुलिस ने फौरन उसे संरक्षण में लिया और वापस ट्रॉमा सेंटर पहुंचाया।
परिजनों ने पुलिस का जताया आभार
इधर, ट्रॉमा सेंटर के बाहर बहन के अचानक गायब होने से सुबो देवी बेहद सदमे में थी और हर तरफ उसकी तलाश कर रही थी। जब PCR टीम नाबालिग को लेकर पहुंची और दोनों बहनें मिलीं, तो उन्होंने राहत की सांस ली। बहन सुबो देवी ने पुलिस टीम की तत्परता की सराहना करते हुए उनका धन्यवाद किया।


