पंचशील नगर का सच – भाग 6
आधी रात का निरीक्षण, बड़े अधिकारियों की मौजूदगी और फिर वही नापी का इंतजार
रांची: जून 2025 की एक रात लगभग 12 बजे पंचशील नगर में अचानक वीआईपी वाहनों का काफिला पहुंचा। रात के सन्नाटे में इतनी बड़ी संख्या में वरिष्ठ अधिकारियों के आने से स्थानीय लोग हैरान रह गए। कुछ लोग अपने घरों से बाहर निकल आए और यह जानने की कोशिश करने लगे कि आखिर इतनी रात को प्रशासनिक अमला यहां क्यों पहुंचा है।
मौके पर रांची के उपायुक्त मंजूनाथ भजंत्री, सदर एसडीओ उत्कर्ष कुमार, अपर जिला दंडाधिकारी (विधि-व्यवस्था) राजेश्वर नाथ आलोक, रांची नगर निगम के नगर आयुक्त सुशांत गौरव, उपसमाहर्ता, उप नगर आयुक्त, सहायक नगर आयुक्त, सिटी एसपी, पथ निर्माण विभाग तथा बिजली विभाग के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।
स्थानीय लोगों के अनुसार अधिकारियों ने उपायुक्त को क्षेत्र में जलजमाव और नाले के अतिक्रमण से जुड़ी स्थिति की जानकारी दी। जनसंपर्क विभाग (पीआरडी) की टीम भी पूरी तरह सक्रिय थी और उपायुक्त द्वारा दिए जा रहे निर्देशों का संकलन कर रही थी।
उपायुक्त मंजूनाथ भजंत्री मुख्य सड़क एनएच-75 स्थित पंचशील नगर चौक से लगभग 100 फीट अंदर गली तक पैदल गए और जलजमाव की वास्तविक स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने प्रभावित इलाकों को देखा और अधिकारियों से आवश्यक जानकारी ली।
इसी दौरान एक स्थिति भी सामने आई। स्थानीय लोगों के अनुसार हेहल अंचल के तत्कालीन अंचलाधिकारी घनश्याम कुमार को उपायुक्त के पंचशील नगर पहुंचने की सूचना समय पर नहीं मिल सकी। जब तक उन्हें जानकारी मिली और वे मौके पर पहुंचे, तब तक उपायुक्त और उनकी टीम निरीक्षण कर वापस लौट चुकी थी।
निरीक्षण के बाद जिला प्रशासन की ओर से जानकारी साझा की गई थी कि उपायुक्त ने नदी, नाले और सड़क पर अतिक्रमण नहीं करने की अपील की है ताकि जलजमाव और बाढ़ जैसी स्थिति उत्पन्न न हो। साथ ही अधिकारियों को जलजमाव वाले क्षेत्रों में विशेष सतर्कता बरतने और नियमित निगरानी रखने का निर्देश भी दिया गया था।
उस समय स्थानीय लोगों के बीच यह चर्चा तेज हो गई थी कि अब अतिक्रमण के खिलाफ बड़ी कार्रवाई होगी। लोगों को उम्मीद थी कि प्रभावशाली व्यक्तियों पर भी कार्रवाई होगी और नाले की जमीन पर बने अवैध निर्माण हटाए जाएंगे, जिससे वर्षों से चली आ रही जलजमाव की समस्या का समाधान हो सकेगा।
लेकिन स्थानीय लोगों का कहना है कि उपायुक्त के उस निरीक्षण को अब लगभग 11 महीने बीत चुके हैं। जलजमाव और अतिक्रमण की समस्या आज जून 2026 में भी बनी हुई है। लोगों को उम्मीद थी कि निरीक्षण के बाद ठोस कार्रवाई होगी, मगर जब कार्रवाई का समय आया तो नगर निगम की टीम फिर से नापी की प्रक्रिया लेकर पहुंच गई।
अब सवाल यह उठ रहा है कि क्या पंचशील नगर के लोग अभी और इंतजार करेंगे, या फिर अतिक्रमण और जलजमाव की समस्या के स्थायी समाधान की दिशा में कोई ठोस कदम उठाया जाएगा?
अगले भाग में...
पंचशील नगर में कहां है 62 फीट परती नाली
पढ़ते रहिए — "पंचशील नगर का सच"
— रिपोर्टिंग: मनोज मिश्रा


