मम्मी मेरी असली मां नहीं है..." पड़ोसियों की बातों में आकर घर छोड़ गई थी माधुरी
रांची: पिछले अंक में आपने पढ़ा था कि मॉल ऑफ रांची के बाहर एक मासूम बच्ची मिली थी, जो बार-बार यही कह रही थी, "मम्मी छोड़कर गई है... लेने आएगी।" अब उस बच्ची की कहानी का दूसरा पहलू सामने आया है।
सुखदेवनगर थाना क्षेत्र में मिली बच्ची माधुरी (बदला हुआ नाम) को राजू कुमार ने सुरक्षित उसके घर पहुंचा दिया। इसके बाद बच्ची और उसकी मां शांति देवी (बदला हुआ नाम) से M भारत 24 न्यूज़ लाइव के संवाददाता से बातचीत में कई बातें सामने आईं।
शांति देवी ने बताया कि उन्होंने माधुरी को बचपन में ही लगभग ढाई साल की आयु में गोद लिया था और तब से उसका पालन-पोषण कर रही हैं। उनके अनुसार, गुरुवार शाम करीब 7 बजे माधुरी साबूदाना खरीदने की बात कहकर घर से निकली थी, लेकिन देर रात तक वापस नहीं लौटी। बच्ची के नहीं लौटने पर परिवार और आसपास के लोग उसकी तलाश में जुट गए थे। शांति देवी ने कहा कि उनकी तबीयत ठीक नहीं रहती और चलने-फिरने में भी परेशानी होती है। इसलिए उन्होंने मोहल्ले के लोगों से माधुरी को खोजने में मदद मांगी। काफी तलाश के बाद भी उसका कोई पता नहीं चला।
उन्होंने बताया कि रात में राजू कुमार जो शांति देवी के पुत्र हैं ने फोन किया था, लेकिन घबराहट और चिंता के कारण वह फोन नहीं उठा सकीं। बाद में पता चला कि माधुरी सुरक्षित है और उसे घर लाया जा रहा है।
माधुरी ने बताया कि मोहल्ले के कुछ लोग उसे कहते हैं कि शांति देवी उसकी असली मां नहीं हैं और उसे सिर्फ काम कराने के लिए अपने पास रखती हैं। वहीं शांति देवी का कहना है कि कुछ लोग बच्ची को बहकाने का काम करते हैं। बच्ची को थोड़ा भी डांट दिया जाए तो कुछ लोग उसके मन में गलत बातें भर देते हैं। इसी वजह से वह कई बार नाराज होकर घर छोड़ने की कोशिश करती है। इन बातों का उसके मन पर असर पड़ता है । उन्होंने बताया कि करीब एक सप्ताह पहले भी माधुरी बिना बताए घर से चली गई थी, जिसे काफी खोजबीन के बाद वापस लाया गया था।
फिलहाल माधुरी सुरक्षित है और अपने घर लौट चुकी है। लेकिन यह घटना बताती है कि बच्चों के सामने कही जाने वाली बातें उनके मन पर गहरा असर डाल सकती हैं। ऐसे में परिवार और समाज दोनों की जिम्मेदारी है कि बच्चों के बीच भ्रम और गलतफहमी पैदा करने वाली बातों से बचा जाए।

