मजबूत व समावेशी बजट से झारखंड को नई दिशा देंगे : मुख्यमंत्री
रांची। मुख्यमंत्री ने वित्त विभाग द्वारा आयोजित “अबुआ दिशोम बजट संगोष्ठी” कार्यक्रम में कहा कि झारखंड ने 25 वर्षों का महत्वपूर्ण सफर तय कर लिया है और अब राज्य को एक मजबूत, संतुलित, समावेशी व बहुआयामी बजट की जरूरत है। उन्होंने कहा कि बजट ऐसा होना चाहिए जो इस युवा राज्य की अपार संभावनाओं को आकार दे, जन आकांक्षाओं को प्रतिबिंबित करे और विकास को निरंतर गति प्रदान करे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आने वाले वर्षों में बजट की राशि में और वृद्धि होगी, इसलिए राजस्व संग्रहण बढ़ाने की दिशा में ठोस और योजनाबद्ध प्रयास जरूरी हैं, ताकि विकास कार्यों और जनकल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी प्रकार की वित्तीय कमी न हो।
हाल ही में दावोस में आयोजित विश्व आर्थिक मंच की बैठक और लंदन दौरे का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि विदेश यात्रा के दौरान विभिन्न देशों की नीतियों, समृद्ध अर्थव्यवस्था, कार्य संस्कृति और जीवनशैली को करीब से समझने का अवसर मिला। इन अनुभवों का उपयोग राज्य को नई दिशा देने में किया जाएगा। उन्होंने राज्य के प्राकृतिक और औद्योगिक संसाधनों के वैल्यू एडिशन पर भी जोर दिया, ताकि उनका उपयोग राज्य की जरूरतों के अनुरूप हो सके और आम नागरिकों की आशाओं-आकांक्षाओं को बल मिले।
मुख्यमंत्री ने “अबुआ दिशोम बजट” को लेकर आम जनता और विशेषज्ञों से प्राप्त सुझावों की सराहना करते हुए बजट पोर्टल पर सर्वश्रेष्ठ सुझाव देने वाले प्रतिभागियों को बधाई और धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा कि जनभागीदारी से ही सशक्त और पारदर्शी शासन की नींव मजबूत होती है ।


