नई दिल्ली: बिजली क्षेत्र के निजीकरण और इलेक्ट्रिसिटी (अमेंडमेंट) बिल 2025 के खिलाफ बिजली अभियंताओं ने आंदोलन का बिगुल फूंक दिया है। देशभर के राज्य विद्युत निगमों, केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण, डीवीसी और बीबीएमबी में कार्यरत अभियंताओं का प्रतिनिधित्व करने वाली (AIPEF) ने 12 फरवरी 2026 को देशव्यापी हड़ताल का नोटिस केंद्रीय ऊर्जा मंत्री को सौंपा है।
फेडरेशन ने स्पष्ट किया है कि यदि संसद के बजट सत्र में इलेक्ट्रिसिटी (अमेंडमेंट) बिल 2025 पेश किया गया, तो बिजली अभियंता और कर्मचारी तत्काल ‘लाइटनिंग एक्शन’ शुरू करेंगे। AIPEF के चेयरमैन शैलेन्द्र दुबे ने कहा कि प्रस्तावित बिल और राष्ट्रीय विद्युत नीति 2026 से सार्वजनिक बिजली व्यवस्था कमजोर होगी और उपभोक्ताओं पर महंगी बिजली का बोझ पड़ेगा।
फेडरेशन ने मल्टी-लाइसेंसिंग, स्मार्ट प्रीपेड मीटर, पीपीपी मॉडल और ठेका प्रथा का विरोध करते हुए निजीकरण पर रोक, रिक्त पदों पर भर्ती और पुरानी पेंशन योजना बहाल करने की मांग दोहराई।


