एलिवेटेड कॉरिडोर के गायब ग्लास पैनल से बढ़ी हादसे की आशंका
रांची। राजधानी रांची को ट्रैफिक जाम की समस्या से राहत दिलाने के लिए पिस्का मोड़ से राजभवन तक बनाए गए एलिवेटेड कॉरिडोर ने लोगों की यात्रा को काफी आसान बना दिया है। इस कॉरिडोर के निर्माण के बाद शहर के प्रमुख मार्गों पर जाम की स्थिति में उल्लेखनीय कमी आई है और हजारों लोग प्रतिदिन इसका लाभ उठा रहे हैं। लेकिन अब इसी महत्वपूर्ण परियोजना की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
एलिवेटेड कॉरिडोर के किनारों पर सुरक्षा के दृष्टिकोण से विशेष ग्लास पैनल लगाए गए हैं। इनका उद्देश्य वाहन चालकों और राहगीरों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। हालांकि ITI बस स्टैंड की ओर जाने वाले मार्ग पर कई स्थानों से ये ग्लास पैनल गायब पाए गए हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि सुरक्षा के लिए लगाए गए इन शीशों की चोरी कर ली गई है, लेकिन अब तक उनकी जगह नए पैनल नहीं लगाए गए हैं।
सुरक्षा पर मंडरा रहा खतरा
फ्लाईओवर के किनारों पर लगाए गए ग्लास पैनल केवल सौंदर्य बढ़ाने के लिए नहीं बल्कि सुरक्षा का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। इनके गायब होने से न केवल फ्लाईओवर की सुरक्षा व्यवस्था कमजोर हुई है, बल्कि किसी भी समय गंभीर दुर्घटना की आशंका भी बढ़ गई है। तेज गति से गुजरने वाले वाहनों के बीच यदि कोई वाहन अनियंत्रित हो जाए तो स्थिति खतरनाक हो सकती है।
बड़ा सवाल—दुर्घटना हुई तो जिम्मेदार कौन?
स्थानीय लोगों का कहना है कि खुले पड़े इन हिस्सों को लेकर संबंधित एजेंसियों को तुरंत कार्रवाई करनी चाहिए। सबसे गंभीर चिंता इस बात की है कि यदि कोई मानसिक तनावग्रस्त व्यक्ति, असामाजिक तत्व या कोई अन्य व्यक्ति इन खुले स्थानों का फायदा उठाकर फ्लाईओवर से छलांग लगा दे, अथवा किसी अन्य प्रकार की दुर्घटना घट जाए, तो उसकी जिम्मेदारी किसकी होगी?
लोगों का कहना है कि करोड़ों रुपये की लागत से बनी इस परियोजना की सुरक्षा में ऐसी लापरवाही किसी भी हाल में स्वीकार्य नहीं हो सकती। यदि समय रहते गायब ग्लास पैनलों को नहीं लगाया गया तो भविष्य में कोई अप्रिय घटना होने से इनकार नहीं किया जा सकता।
निगरानी व्यवस्था पर भी सवाल
ग्लास पैनलों के गायब होने के बाद अब रखरखाव और निगरानी व्यवस्था पर भी सवाल उठ रहे हैं। लोगों का कहना है कि यदि नियमित निरीक्षण होता तो इस तरह की स्थिति पैदा नहीं होती। आखिर इतने महत्वपूर्ण मार्ग पर लगे सुरक्षा उपकरण गायब हो गए और संबंधित एजेंसियों को इसकी जानकारी तक नहीं हुई।
NHAI का पक्ष नहीं आया सामने
इस संबंध में राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) का पक्ष जानने के लिए एम भारत 24 न्यूज़ लाइव के संवाददाता ने परियोजना निदेशक विजय कुमार से संपर्क करने का प्रयास किया। फोन के माध्यम से उनसे प्रतिक्रिया मांगी गई, लेकिन समाचार लिखे जाने तक उनकी ओर से कोई जवाब प्राप्त नहीं हो सका।
तत्काल कार्रवाई की मांग
स्थानीय नागरिकों और नियमित रूप से इस मार्ग का उपयोग करने वाले लोगों ने NHAI से मांग की है कि गायब ग्लास पैनलों को जल्द से जल्द पुनः स्थापित किया जाए तथा फ्लाईओवर की सुरक्षा व्यवस्था की व्यापक समीक्षा की जाए। लोगों का कहना है कि ट्रैफिक जाम से राहत देने वाला यह एलिवेटेड कॉरिडोर सुरक्षा के मामले में भी उतना ही मजबूत होना चाहिए, ताकि किसी भी प्रकार की दुर्घटना या अप्रिय घटना की संभावना को रोका जा सके।


