जनकल्याणकारी योजनाओं की समीक्षा, अबुआ साथी पोर्टल की 8000+ शिकायतों का निपटारा; कार्यालयों में अनुशासन अनिवार्य
रांची: उपायुक्त-सह-जिला दण्डाधिकारी, मंजूनाथ भजन्त्री ने नए वर्ष 2026 की शुरुआत में ही जिलास्तरीय वरीय पदाधिकारियों के साथ बैठक कर "दुगुनी गति से काम" करने का स्पष्ट निर्देश दिया। शुक्रवार, 02 जनवरी 2026 को हुई इस महत्वपूर्ण बैठक में उपायुक्त ने सभी विभागों को समन्वय के साथ राज्य सरकार के दायित्वों का शत-प्रतिशत निष्पादन सुनिश्चित करने का लक्ष्य दिया।
योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक
उपायुक्त भजन्त्री ने जोर देकर कहा कि झारखण्ड मुख्यमंत्री मंईयां सम्मान योजना सहित सभी जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ समयबद्ध ढंग से जिले के अंतिम पात्र व्यक्ति तक पहुँचना चाहिए। उन्होंने योजनाओं में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए आधार एवं बैंक खाता डुप्लीकेशन हटाने के कार्य को लगातार जारी रखने के निर्देश दिए।
शिकायत निवारण में तेजी
*अबुआ साथी पोर्टल: पोर्टल पर प्राप्त शिकायतों की समीक्षा करते हुए बताया गया कि वर्ष 2025 में कुल 9600 शिकायतें मिली थीं, जिनमें से 8000 से अधिक का सफलतापूर्वक समाधान किया जा चुका है। उपायुक्त ने शेष शिकायतों के त्वरित निपटान के लिए निर्देश दिए।
*जनता दरबार: उन्होंने जनता दरबार में प्राप्त होने वाली हर शिकायत का त्वरित और गुणवत्तापूर्ण निष्पादन सुनिश्चित करने के लिए ससमय जांच रिपोर्ट उपलब्ध कराने का निर्देश भी दिया।
अनुशासन और सुरक्षा व्यवस्था पर ध्यान
उपायुक्त ने सभी कार्यालय प्रधानों को निर्देशित किया कि अनुशासन बनाए रखें। सभी अधीनस्थ कर्मी नेम प्लेट और पहचान पत्र (आई-कार्ड) अनिवार्य रूप से धारण करें। साथ ही, कार्यस्थलों और समाहरणालय परिसर में साफ-सफाई पर विशेष बल देने को कहा गया।
विधि-व्यवस्था की समीक्षा करते हुए, एडीएम लॉ एंड ऑर्डर को शांति समिति में युवाओं और महिलाओं की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया। समाहरणालय परिसर की सुरक्षा के लिए सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से सतत निगरानी की व्यवस्था को मजबूत करने के भी निर्देश दिए गए।
उपायुक्त ने सभी पदाधिकारियों से टीम भावना के साथ कार्य करते हुए रांची जिले को विकास और जनसेवा के क्षेत्र में नई ऊँचाइयों तक ले जाने का आह्वान किया।


