पुलिस को 10 जनवरी 2026 की रात करीब 10 बजे गुप्त सूचना मिली थी कि हिंदपीढ़ी थाना क्षेत्र के बड़ी मस्जिद लेन रोड में कुछ अपराधी अवैध हथियारों की खरीद-बिक्री करने वाले हैं। सूचना मिलते ही नगर पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में पुलिस उपाधीक्षक कोतवाली एवं सदर के नेतृत्व में विशेष छापामारी दल का गठन किया गया।
रात करीब 11:20 बजे पुलिस टीम जैसे ही बड़ी मस्जिद के पास पहुंची, एक संदिग्ध व्यक्ति पुलिस को देखकर भागने लगा। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए उसे घेराबंदी कर पकड़ लिया। पूछताछ में उसकी पहचान मो. कबीर उर्फ बबलू उर्फ बोना (38 वर्ष) के रूप में हुई। तलाशी के दौरान उसके पास से एक 9 एमएम पिस्टल, दो मैगजीन और 20 राउंड जिंदा गोलियां बरामद की गईं। वैध कागजात नहीं मिलने पर उसे गिरफ्तार कर लिया गया।
पूछताछ में मो. कबीर ने खुलासा किया कि वह अपने सहयोगियों के साथ मिलकर बिहार के कैमूर और मुंगेर जिलों से अवैध हथियार लाकर रांची में अपराधियों को सप्लाई करता था। उसके बयान के आधार पर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए पुंदाग थाना क्षेत्र से शाहनवाज आलम और अंकित कुमार, सदर थाना क्षेत्र से मो. सैफ उर्फ शेरा, तथा सुखदेवनगर थाना क्षेत्र से अनुज ठाकुर को गिरफ्तार किया।
छापेमारी के दौरान पुलिस ने एक फैक्ट्री मेड पिस्टल, तीन देशी कट्टा, एक छह चक्रिय देशी रिवॉल्वर और भारी मात्रा में जिंदा गोलियां बरामद कीं। पुलिस के अनुसार सभी आरोपी लंबे समय से हथियार तस्करी के नेटवर्क से जुड़े थे और इनके खिलाफ पूर्व में भी कई आपराधिक मामले दर्ज हैं।
रांची पुलिस ने इस कार्रवाई को अपराध नियंत्रण की दिशा में बड़ी सफलता बताते हुए कहा कि शहर में अवैध हथियारों की सप्लाई पर कड़ा प्रहार किया गया है। सभी गिरफ्तार अभियुक्तों के विरुद्ध संबंधित थानों में आर्म्स एक्ट एवं अन्य धाराओं के तहत केस दर्ज कर आगे की कानूनी प्रक्रिया अपनाई जा रही है।
इस पूरे अभियान में कोतवाली, सदर, हिंदपीढ़ी और सुखदेवनगर थाना के पुलिस पदाधिकारी, तकनीकी शाखा तथा सशस्त्र बलों की सक्रिय भूमिका रही। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि आगे भी अवैध हथियार और संगठित अपराध के खिलाफ सख्त अभियान जारी रहेगा।

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