हजारीबाग ट्रेजरी 15 करोड़ वेतन घोटाला: जेल में बंद तीन आरोपियों की जमानत पर 19 जून को होगी अहम सुनवाई
रांची: हजारीबाग ट्रेजरी (कोषागार) से करीब 15 करोड़ रुपये की कथित अवैध वेतन निकासी मामले में जेल में बंद आरोपियों की जमानत याचिकाओं पर मंगलवार को रांची स्थित सीआईडी की विशेष अदालत में सुनवाई हुई। विशेष न्यायाधीश कुलदीप की अदालत में महिला आरोपी खुशबू सिंह, काजल कुमारी तथा धीरेंद्र सिंह की ओर से दाखिल जमानत याचिकाओं पर विस्तृत बहस की गई।
सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष के अधिवक्ताओं ने अदालत के समक्ष अपनी दलीलें पेश करते हुए कहा कि उनके मुवक्किलों को मामले में गलत तरीके से फंसाया गया है और उन्हें जमानत का लाभ दिया जाना चाहिए। बचाव पक्ष की ओर से बहस पूरी होने के बाद अदालत ने अभियोजन पक्ष को अपना पक्ष रखने का अवसर दिया है। इसके लिए मामले की अगली सुनवाई 19 जून निर्धारित की गई है।
अब आगामी सुनवाई में सीआईडी की ओर से अदालत के समक्ष यह बताया जाएगा कि आरोपियों को जमानत क्यों नहीं दी जानी चाहिए। जांच एजेंसी मामले से जुड़े साक्ष्य, दस्तावेज और अन्य तथ्यों को अदालत के सामने रखकर जमानत याचिकाओं का विरोध करेगी।
यह मामला हजारीबाग ट्रेजरी और जिला पुलिस बल के माध्यम से करोड़ों रुपये के कथित फर्जी वेतन भुगतान से जुड़ा हुआ है। जांच में सामने आया था कि कुछ कर्मचारियों और पुलिसकर्मियों की मिलीभगत से ऐसे लोगों के नाम पर भी वेतन की निकासी की गई, जो या तो विभाग में कार्यरत नहीं थे या जिनके दस्तावेज कथित रूप से फर्जी थे। इस तरह सरकारी खजाने से करोड़ों रुपये की अवैध निकासी किए जाने का आरोप है।
मामले में जेल में बंद काजल कुमारी मुख्य लेखपाल सिपाही शंभू कुमार सिंह की पत्नी बताई जाती हैं, जबकि खुशबू सिंह सिपाही रजनीश कुमार सिंह की पत्नी हैं। जांच एजेंसियों ने इन दोनों समेत कई अन्य लोगों को इस कथित घोटाले में नामजद आरोपी बनाया है। सीआईडी का मानना है कि अवैध निकासी के इस पूरे नेटवर्क में कई स्तरों पर लोगों की संलिप्तता रही है।
घोटाले की गंभीरता और सरकारी धन के बड़े पैमाने पर दुरुपयोग की आशंका को देखते हुए राज्य सरकार ने मामले की जांच सीआईडी को सौंप दी थी। इसके बाद सीआईडी ने दस्तावेजों की जांच, छापेमारी और पूछताछ के आधार पर कई गिरफ्तारियां की हैं। जांच एजेंसी लगातार मामले से जुड़े अन्य आरोपियों और वित्तीय लेन-देन की भी पड़ताल कर रही है।
फिलहाल अदालत में जमानत को लेकर सुनवाई जारी है और 19 जून की तारीख इस मामले में महत्वपूर्ण मानी जा रही है। उस दिन सीआईडी अपनी दलीलें पेश करेगी, जिसके बाद अदालत आरोपियों की जमानत याचिकाओं पर आगे निर्णय लेने की प्रक्रिया शुरू करेगी।


