झारखंड को 2029 तक फाइलेरिया मुक्त बनाने का लक्ष्य; 14 जिलों के लिए जागरूकता रथ रवाना
रांची: झारखंड में फाइलेरिया (हाथीपांव) उन्मूलन के लिए राज्य सरकार ने व्यापक जनजागरूकता अभियान शुरू किया है। स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी और अपर मुख्य सचिव अजय कुमार सिंह ने स्वयं फाइलेरिया रोधी दवा खाकर इस अभियान का विधिवत शुभारंभ किया। इस दौरान राज्य के 14 जिलों के लिए जागरूकता रथों को रवाना किया गया।
स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य 2029 तक झारखंड को फाइलेरिया मुक्त बनाना है। उन्होंने स्पष्ट किया कि स्वास्थ्यकर्मी घर-घर जाकर दवा खिलाएंगे और आम जनता को बिना किसी संकोच के इसका सेवन करना चाहिए। अपर मुख्य सचिव ने बताया कि शत-प्रतिशत दवा सेवन से ही इस बीमारी को जड़ से मिटाया जा सकता है।
एनएचएम निदेशक शशि प्रकाश झा ने जानकारी दी कि 2 वर्ष से कम उम्र के बच्चों, गर्भवती महिलाओं और गंभीर बीमारों को छोड़कर सभी के लिए यह दवा अनिवार्य है। कार्यक्रम में मच्छरदानी के उपयोग और स्वच्छता पर भी जोर दिया गया। इस अवसर पर विभिन्न स्वास्थ्य अधिकारी और सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि उपस्थित थे।


