केंद्रीय बजट 2026 पावर सेक्टर व बिजली कर्मचारियों के लिए निराशाजनक : शैलेन्द्र दुबे
रांची। ऑल इंडिया पावर इंजीनियर्स फेडरेशन के चेयरमैन शैलेन्द्र दुबे ने केंद्रीय बजट 2026 पर कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए इसे पावर सेक्टर और बिजली कर्मचारियों की उम्मीदों के विपरीत बताया है। उन्होंने कहा कि बजट से सार्वजनिक क्षेत्र की विद्युत वितरण कंपनियों (डिस्कॉम) की खराब होती वित्तीय स्थिति सुधारने के लिए ठोस और स्पष्ट प्रावधानों की अपेक्षा थी, लेकिन ऐसा कुछ नहीं किया गया।
शैलेन्द्र दुबे ने कहा कि ट्रांसमिशन सेक्टर में टैरिफ बेस्ड कॉम्पिटेटिव बिडिंग (TBCB) के माध्यम से बढ़ते निजीकरण पर रोक लगाने की घोषणा की भी उम्मीद थी, क्योंकि यह विषय राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा हुआ है, किंतु बजट इस अहम मुद्दे पर पूरी तरह मौन रहा। उन्होंने यह भी कहा कि देश में सस्ती बिजली उत्पादन सुनिश्चित करने के लिए नए सार्वजनिक क्षेत्र के बिजलीघरों की स्थापना पर भी बजट में कोई ध्यान नहीं दिया गया।
उन्होंने कहा कि बिजली कर्मचारियों सहित देश के लाखों कर्मचारियों को पुरानी पेंशन योजना की बहाली, आयकर छूट सीमा में वृद्धि और स्टैंडर्ड डिडक्शन बढ़ाने की उम्मीद थी, लेकिन बजट में इन मांगों को पूरी तरह नजरअंदाज कर दिया गया। साथ ही पावर फाइनेंस कॉर्पोरेशन और रूरल इलेक्ट्रिफिकेशन कॉर्पोरेशन के पुनर्गठन को लेकर चिंता जताते हुए उन्होंने चेतावनी दी कि यदि इसके नाम पर निजीकरण की कोई भी कोशिश हुई, तो देशभर के बिजली कर्मचारी और अभियंता इसका सशक्त विरोध करेंगे।


