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आदित्य मल्होत्रा ने प्री-बजट बैठक में रखे झारखण्ड बजट 2026-27 के लिए बड़े सुझाव, एमएसएमई और निवेश पर दिया जोर

 

आदित्य मल्होत्रा ने प्री-बजट बैठक में रखे झारखण्ड बजट 2026-27 के लिए बड़े सुझाव, एमएसएमई और निवेश पर दिया जोर

रांची | झारखण्ड सरकार के वित्त विभाग द्वारा प्रोजेक्ट भवन में आयोजित प्री-बजट बैठक में फेडरेशन ऑफ झारखण्ड चेंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज के अध्यक्ष आदित्य मल्होत्रा विशेष रूप से शामिल हुए। बैठक में उन्होंने झारखण्ड बजट 2026-27 के लिए उद्योग, व्यापार, रोजगार और सामाजिक-आर्थिक विकास से जुड़े कई अहम सुझाव सरकार के समक्ष रखे।

आदित्य मल्होत्रा ने कहा कि झारखण्ड आज आर्थिक परिवर्तन के निर्णायक दौर से गुजर रहा है। राज्य को खनिज आधारित अर्थव्यवस्था से आगे बढ़कर विविध औद्योगिक केंद्र के रूप में विकसित करना समय की जरूरत है। उन्होंने एमएसएमई सेक्टर को राज्य की अर्थव्यवस्था की रीढ़ बताते हुए इसके सशक्तिकरण पर विशेष जोर दिया।

चैम्बर की ओर से प्रत्येक जिले में न्यूनतम 25 एकड़ का समर्पित एमएसएमई लैंड बैंक, नए एमएसएमई उद्योगों को 5 वर्षों तक स्टाम्प ड्यूटी, बिजली शुल्क एवं एसजीएसटी में छूट, नए लोन पर 2 फीसदी ब्याज अनुदान तथा 5 करोड़ रुपये तक के ऋण के लिए क्रेडिट गारंटी योजना के विस्तार का सुझाव दिया गया। इसके साथ ही बंद खदानों को पुनः चालू करने और माइका उद्योग के पुनरुद्धार के लिए विशेष पैकेज की मांग भी की गई।

ऊर्जा क्षेत्र में सुधार को लेकर आदित्य मल्होत्रा ने उद्योगों के लिए प्रिडेक्टिबल पावर प्राइजिंग फ्रेमवर्क लागू करने, एमएसएमई के लिए रूफटॉप सोलर पर सब्सिडी और ग्रीन एनर्जी अपनाने वाले उद्योगों के लिए ग्रीन टैरिफ शुरू करने का सुझाव रखा। निवेशकों के लिए डिजिटल यूटिलिटी मैप पोर्टल विकसित करने और सिंगल विंडो सिस्टम को वास्तविक वन-प्वाइंट क्लीयरेंस सिस्टम बनाकर सभी क्लीयरेंस 30 दिनों के भीतर देने की मांग भी की गई।

चैम्बर ने झारखण्ड के स्टार्टअप्स को सरकारी टेंडर में प्राथमिकता, ईएमडी से छूट तथा 100 करोड़ रुपये के झारखण्ड इनोवेशन फंड की स्थापना का प्रस्ताव भी दिया। वहीं उद्यमियों की समस्याओं के समाधान हेतु स्थायी ट्रेड एंड इंडस्ट्री कमीशन के गठन, सूक्ष्म उद्यमों को टैक्स ऑडिट से राहत, तथा विभिन्न विभागों में लंबित भुगतानों के शीघ्र निपटारे के लिए समयबद्ध तंत्र लागू करने पर भी जोर दिया गया।

इसके अलावा प्रत्येक जिले में महिलाओं के लिए “अपराजिता महिला वेंडर मार्केट” की स्थापना, स्थानीय निवासियों को लघु खनिज के संग्रह एवं परिवहन में सुविधा देने हेतु नीति संशोधन, रामगढ़ और धनबाद जैसे क्षेत्रों के श्रमिकों के लिए जस्ट ट्रांजिशन फंड, तथा उद्योगों और आईटीआई के बीच पीपीपी मॉडल पर स्किल डेवलपमेंट कार्यक्रम बढ़ाने जैसे सुझाव भी शामिल रहे।

आदित्य मल्होत्रा ने सरकार से आग्रह किया कि झारखण्ड चैम्बर ऑफ कॉमर्स को राज्य का आधिकारिक स्टेट इंडस्ट्री पार्टनर घोषित किया जाए, जिससे नीति निर्माण और क्रियान्वयन में उद्योग जगत की निरंतर भागीदारी सुनिश्चित हो सके। साथ ही उन्होंने 5 से 10 वर्षों की दीर्घकालिक औद्योगिक नीति स्थिरता की आवश्यकता पर भी बल दिया।

बैठक में वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने झारखण्ड चैम्बर द्वारा दिए गए सुझावों की सराहना करते हुए इन्हें बजट में प्राथमिकता देने का आश्वासन दिया। इस अवसर पर वित्त सचिव अबू इमरान सहित अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित थे। वहीं चैम्बर के पूर्व अध्यक्ष रंजीत गाड़ोदिया, उप समिति चेयरमैन आदित्य शाह और पंकज मक्कड़ भी बैठक में शामिल रहे।

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