आवारा कुत्तों के लिए किसी फरिस्ते से कम नही है सुस्मिता दास

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बंगाल/आसनसोल: पश्चिम बंगाल आसनसोल की सड़कों पर घूम -घूमकर सड़क किनारे गुजर -बसर करने वाले आवारा कुत्तों को ढूंढकर उनको खाना और पिने की पानी का वेवस्था करने के साथ -साथ उनके घायल व बीमार होने पर उनका खुद अपने हाँथो से इलाज करने वाली आसनसोल नेपाली पाड़ा की रहने वाली सुस्मिता दास इन आवारा कुत्तों के लिए एक मसीहा बनकर सामने आई हैं, सुस्मिता वैसे ब्यूटी पार्लर मे काम करती हैं, जहाँ से उनकी जो कुछ भी कमाई होती है उसका एक हिस्सा वह इन आवारा कुत्तों के पेट भरने व उनके इलाज मे खर्च करती हैं, सुस्मिता की अगर माने तो उनका बस चले तो वह ऐसे और भी कुत्तों की मदद कर सक्ति हैं, पर उनके पास इतने पैसे नही की वह आसनसोल मे स्थित तमाम कुत्तों का खर्च उठा सकें पर उनसे जितना भी बन पड़ता है वह जरूर कोसिस करती हैं, सुस्मिता कहती हैं, वह ब्यूटी पार्लर मे काम तो करती हैं पर उनका अपने काम के अलावा भी इन कुत्तों का हमेशा फ़िक्र होता रहता है, की उन्होने कुछ खाया की नही, वह कहीं बीमार तो नही हैं, उनको कहीं चोट तो नही लगी, इस लिए उनको जब भी समय मिलती है वह इन कुत्तों को देखने के लिए निकल पड़ती हैं, वह यह भी कहती हैं की वह जब भी इन कुत्तों को देखने आती हैं इन कुत्तों को भी मानो पहले से ही आभास हो जाता है की वह उनको देखने आ रही हैं और वह उनका इंतज़ार करते हैं और जैसे ही वह उनके पास आती हैं वह खुश हो जाते हैं और ख़ुशी के मारे वह अपनी दुम हिलाते हुए उनको प्यार करते हैं. सुस्मिता कहती हैं, जैसे वह इन आवारा कुत्तों की मदद कर रही हैं वैसे अन्य लोग भी उनकी मदद के लिए आगे बढ़ें, उन्होने कहा यह बेज़ुबान हैं यह कुछ कह नही सकते और ना ही यह खाने या पिने को मांग सकते हैं और ना ही अपना दर्द किसी को बता सकते हैं, ऐसे मे अगर हम सब मिलकर इनकी मदद करें इनको खाने और पिने की वेवस्था करें तो यह बेज़ुबान भूख और प्यास से तड़प -तड़प कर अपनी जान नही देंगे, सुस्मिता ने इन आवारा बेज़ुबान कुत्तों की मदद के लिए अपना हाँथ जोड़कर अपील की है

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