रांची: सदर अस्पताल परिसर में 'जन आरोग्य समिति' और 'टीबी मुक्त पंचायत' पर केंद्रित तीन दिवसीय उन्मुखीकरण कार्यक्रम का बुधवार को समापन हुआ। मौके पर सिविल सर्जन डॉ. प्रभात कुमार ने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं की पहुँच और गुणवत्ता सुधारने में सामुदायिक स्वास्थ्य पदाधिकारियों (CHO) और जनप्रतिनिधियों की भूमिका अहम है। उन्होंने जोर दिया कि जब मुखिया और स्वास्थ्य कर्मी टीम की तरह कार्य करते हैं, तभी योजनाएं सफल होती हैं।
राज्य नोडल पदाधिकारी डॉ. कमलेश कुमार ने बताया कि समितियों को वार्षिक ₹50,000 आवंटित किए गए हैं और वर्ष 2025 में टीबी मरीजों में 21% की कमी आई है। कार्यक्रम में बुंडू की मुखिया रेखा देवी और अन्य जनप्रतिनिधियों ने टीबी उन्मूलन के अपने सफल जमीनी अनुभव साझा किए।

0 Comments