अंश-अंशिका अपहरण कांड का पटाक्षेप: रांची पुलिस ने 13 दिनों बाद रामगढ़ से मासूमों को छुड़ाया, 2 किडनैपर सलाखों के पीछे

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अंश-अंशिका अपहरण कांड का पटाक्षेप: रांची पुलिस ने 13 दिनों बाद रामगढ़ से मासूमों को छुड़ाया, 2 किडनैपर सलाखों के पीछे

रांची : राजधानी के धुर्वा इलाके से लापता हुए दो मासूम बच्चों, अंश और अंशिका के मामले में रांची पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पिछले 13 दिनों से चल रहे 'सस्पेंस' का अंत करते हुए पुलिस टीम ने दोनों बच्चों को रामगढ़ जिले के चितरपुर से सकुशल बरामद कर लिया है। इस अपहरण कांड में शामिल दो आरोपियों को भी पुलिस ने गिरफ्तार किया है।

एसएसपी की रणनीति और तकनीक का कमाल

एसएसपी राकेश रंजन के नेतृत्व में गठित विशेष टीम ने इस केस को सुलझाने के लिए आधुनिक वैज्ञानिक तरीकों का इस्तेमाल किया:

 * अंश-अंशिका की तलाश के लिए पुलिस ने 5000 से अधिक मोबाइल नंबरों के डेटा को स्कैन किया।

 * रांची से रामगढ़ तक के 2000 सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालकर किडनैपर्स के रूट का पता लगाया गया।

 * पुलिस ने बच्चों का सुराग देने वाले के लिए 4 लाख रुपये के इनाम की घोषणा की थी, जिससे सूचना तंत्र मजबूत हुआ।

 * गंतव्य केयर फाउंडेशन (NGO) के साथ मिलकर चलाए गए 'पोस्टर अभियान' ने पूरे शहर को सतर्क कर दिया था।

सामान लेने निकले थे भाई-बहन, फिर नहीं लौटे

गौरतलब है कि 2 जनवरी की दोपहर 3 बजे धुर्वा के मौसीबाड़ी खटाल निवासी अंश और अंशिका घर से कुछ घरेलू सामान लेने निकले थे। जब वे वापस नहीं लौटे, तो परिजनों ने धुर्वा थाने में शिकायत दर्ज कराई। बच्चों के न मिलने से स्थानीय लोग और परिजन काफी आक्रोशित थे, जिसके कारण हाल ही में धुर्वा बंद रखा गया था और लोग धरने पर बैठे थे।

परिजनों के आँसू खुशियों में बदले

13 दिनों के लंबे इंतज़ार के बाद जब अंश और अंशिका की सकुशल बरामदगी की खबर आई, तो परिवार में जश्न का माहौल बन गया। धुर्वा के स्थानीय निवासियों ने पुलिस प्रशासन की इस मुस्तैदी की सराहना की है। पुलिस अब गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ कर रही है ताकि इस अपहरण के पीछे के असली मकसद का खुलासा हो सके।

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